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Kyun Dete Hain Hum Gaay Ko Maa Ka Darja?

क्यों देते हैं हम गाय को माँ का दर्ज़ा?

प्राचीन काल से ही गाय (cow) को खज़ाना माना गया है और ये आज भी इंसान की ज़िन्दगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है| उस समय हमारे पास खाने के ज़्यादा साधन दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे दही, मक्खन, लस्सी, घी, मलाई और मिठाई ही थे जिसके लिए हम पूरी तरह से गाय पर निर्भर थे और आज भी हैं|

न केवल खाना बल्कि गाय से जुड़ा हर एक उत्पाद हमारे बहुत काम आता है जैसे गाय का गोबर हम अपने खेतों में खाद की तरह इस्तेमाल करते हैं जिससे हमारी भूमि उपज़ाऊ रहती है| गाय के गोबर से उपले भी बनते हैं जिसे ईंधन के लिए प्रयोग किया जाता है| इतना ही नहीं गाय का गोबर भूमि को शुद्ध करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है| गोबर से कच्चे घरों की दीवारें और भूमि को लेपा जाता है जो कि बहुत ही शुभ माना जाता है| इतना ही नहीं गौमूत्र भी बहुत लाभदायक है| वैद्य आज भी गौमूत्र को आयुर्वेदिक औषधियाँ बनानें में प्रयोग करतें हैं| गौमूत्र से बनी औषधियाँ कैंसर, मधुमेह, त्वचा संबंधी समस्याएं, दिल की बीमारी, तनाव इत्यादि बीमारियों को दूर करने के लिए प्रयोग होती हैं|

पर क्यों देते हैं हम गाय को माँ का दर्ज़ा? गाय की तुलना माँ से क्यों की गई है|

गौ को हम माँ का दर्ज़ा इसलिए देते हैं क्योंकि यह हमारा एक माँ की तरह ध्यान रखती है| गाय माँ की तरह हमें अच्छा खाने-पीने को देती है| गाय का दूध बच्चों में चंचलता बनाए रखता है| माना जाता है कि भैंस का बच्चा दूध पीने के बाद सो जाता है जबकि गाय का बछड़ा अपनी माँ का दूध पीने के बाद उछल कूद करता है| एक माँ यही तो चाहती है|

पुराने वक़्त से ही गाय को एक परिवार का सदस्य माना गया है, जैसे घर में कोई दुख़ हो तो माँ की आँखों में आँसू आ जातें हैं वैसे ही गाय की आँख में पानी आ जाता है| क्योंकि कहते है ‘अपनों का दुख अपने ही समझ सकतें हैं’|

माँ की तरह ये घर की साफ़ सफ़ाई में भी योगदान देती है| हम सब जानतें हैं कि गाय का गोबर घर को शुद्ध करता है और इसके प्रयोग से कीटाणु भी घर से दूर रहतें हैं| गाय का गोबर फसलों के लिए सबसे उत्तम खाद है|

वास्तु के अनुसार, सकारात्मक ऊर्जा पड़तालकर्ता(Positive Energy Checker) को जब गाय के पास लेकर जाया गया तो पाया की गाय से सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) उत्पन्न होती है| जिस घर में गाय होगी उस घर में रहने वाले लोग ज़यादा स्वस्थ और खुश रहते हैं|

पौराणिक मान्यता के अनुसार गाय में ३३ करोड़ देवी देवताओं का निवास है| भगवान श्री कृष्ण के गाय प्रेम को भला कौन नहीं जानता| इसी कारण उनका एक नाम गोपाल भी है|

इन्हीं सब कारणों से हम गाय को गौ माता कहतें हैं| जैसे माँ जब तक हमारे साथ रहती है तब तक ह्मारा पालन पोषण करती है वैसे ही गाय भी ह्मारे जीवन को खुशहाल बनाने में अपना योगदान देती है|

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